किसान भवन में जैविक उत्पाद परिषद की 26वीं परिषदीय बोर्ड बैठक करते कृषि मंत्री गणेश जोशी


देहरादून-प्रदेश के कृषि मंत्री एवं जैविक उत्पाद परिषद के अध्यक्ष गणेश जोशी की अध्यक्षता में किसान भवन देहरादून में राज्य जैविक उत्पाद परिषद की 26वीं परिषदीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में जैविक एवं प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने से संबंधित कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार रहे –
1. उत्तराखण्ड जैविक उत्पाद परिषद द्वारा जैविक खेती के साथ प्राकृतिक खेती पर भी कार्य किये जाने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है।
2. उत्तराखण्ड जैविक उत्पाद परिषद का नाम बदलकर उत्तराखण्ड जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद परिषद (UONCB) किए जाने पर सहमति बनी।
3. किसानों को उनके जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों की उचित मूल्य पर बिक्री सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश के चुनिंदा स्थानों पर जैविक/प्राकृतिक मंडियों की स्थापना की जाएगी, जो ई-नाम (eNAM) की तर्ज पर संचालित होंगी।
4. एपीड़ा भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, प्रक्षेत्रीय गतिविधियों के संचालन हेतु प्रत्येक जनपद में परिषद के कार्मिकों (तकनीकी अधिकारी, सहायक विपणन अधिकारी तथा आंतरिक निरीक्षक) को एक कार्यालय उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक खेती की परम्परा रही है। किसानों को इस दिशा में प्रोत्साहित किया जाए। ताकि राज्य को प्राकृतिक एवं जैविक उत्पादों के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए।

बैठक का संचालन परिषद के प्रबंध निदेशक ने किया। इस अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष भूपेश उपाध्याय, मनोनीत सदस्य निरंजन डोभाल, गिरीश बलूनी सहित कृषि, उद्यान, रेशम, सगंध पौधा केन्द्र, जड़ी-बूटी केन्द्र, पंतनगर विश्वविद्यालय एवं शासन से नामित अधिकारीगण उपस्थित रहे।



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